इन दो दिलों का नाता ऐसा
की दूर होकर भी कोई दूरी नहीं
आपके दिल का हाल जानने को
मुझे आपसे मिलना ज़रूरी नहीं
आपकी चमकती आँखें हमें
दिखला देती हर मजबूरी है
आपके दर्द को महसूस करने को
आपका हाथ थामना ज़रूरी नहीं
आपकी आवाज़ कह देती है
जो बातें छूट गई अधूरी है
आपके मन की बेचैनी समझने को
आपके पास होना ज़रूरी नहीं
आपकी खिलती मुस्कराहटों से
मेरा मन हो जाता सिन्दूरी है
आपकी ख़ुशी की साक्षी बनने को
महफ़िल में शामिल होना ज़रूरी नहीं
बड़बड़ाती हूँ मैं अकेले में
सब माने ये आदत फितूरी है
आपसे जी भर के बातें करने को
आपसे बात करना ज़रूरी नहीं
साथ शुरू हुई कहानी हमारी
शायद एक साथ हो पूरी नहीं
आपसे मोहोब्बत करते रहने को
मुझे आपकी इजाज़त ज़रूरी नहीं
Sapna...