Tuesday, November 24, 2020

लड़कपन के प्यार में..

 फिर से उस दौर से गुज़र के

कुछ हसीं लम्हे जिया करते है

उन दिनों को याद करके

आज भी मुस्कुरा दिया करते है


जब चुपके दोस्तों की आड़ में 

हम आपको देखा करते थे

खिड़की पे खड़े रहके आपकी 

एक झलक का इंतज़ार करते थे


सामने आकर दूर चले जाते

उनके बारे में सोचके शर्माते

नज़रें मिल जाती गलती से

अपनेआप ही लैब मुस्काते थे


जहां सब उनसे गले मिलते

हम हाथ पकड़ने को तरसते

औरों से घंटों तक बातें होती

आपकी आवाज़ सुनने को तड़पते


एक अलग ही एहसास था

कुछ अजीब सी खुमारी थी

जब दो दिल साथ हुए थे

उस लड़कपन के प्यार में


Sapna.. 


Wednesday, November 4, 2020

साथी..

सिर्फ आपका साया नहीं

साथी बनकर भी चलना है

बस आपको संभालना नहीं

खुद भी गिरकर संभलना है


मायने रखती है आपकी हँसी

अपनी ख़ुशी को भी पाना है

बनना है मुझे आपकी शक्ति

अपने वजूद को ना खोना है


सेवा करनी है आपके परिवार की

अपने परिवार को ना भूलना है

अच्छी यादों की हिस्सेदार भी

बुरे वक़्त को भी कुबूलना है


अपनापन तो मिलेगा ही

नफरत को प्यार से जीतना है

मेहेंगी तो होती है खुशहाली

सय्यम से उसे खरीदना है


नई राहों पे बनकर हमराही

हँसते गाते निकलना है

सिर्फ आपका साया नहीं

साथी बनकर भी चलना है


Sapna...