निडर होके अपने पंख पसारना
तुम अपने अंदर हौंसलों को भरना
तेरी उड़ान को सहारा मैं दूंगी
तुम ऊंचाई की फ़िक्र ना करना
बेख़ौफ़ होके मन की बात कहना
तुम अपने शब्दों में सादगी भरना
तेरे लव्ज़ों को आवाज़ मैं दूंगी
तुम शोर शराबे की फ़िक्र ना करना
सोच समझ के हमकदम चुनना
तुम भीड़ से कभी ना डरना
तेरी तन्हाई में हाथ मैं थामूंगी
तुम अकेलेपन की फ़िक्र ना करना
बालपन के खेल खेलते रहना
तुम चंचलता को बरकरार रखना
तेरे हर बचपने में साथ मैं दूंगी
तुम हार जीत की फ़िक्र ना करना
सच्चाई से हर काम को करना
तुम आगे ही आगे बढ़ते रहना
तेरी कोशिशों को आशीष मैं दूंगी
तुम असफलता की फ़िक्र ना करना
मुस्कराहट को बनाये रखना
तुम आँचल में खुशियां बटोरते रहना
तेरे हर जश्न में रौशनी बनूँगी
तुम मेरे अंधेरों की फ़िक्र ना करना
Sapna...
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