चल मिलकर ऐ यार मेरे
करे एक नई शुरुवात
चल आज ये वादा करे
अब ना छूटेगा साथ
हो परेशानी फिर कोई
करेंगे एक दूजे से बात
फिर कभी ना पहले जैसे
छोड़ेंगे हम तेरा हाथ
लोगों ने कोशिश तो की
पर उनकी क्या औकात
फिर ना सुनेंगे किसीकी
मानेंगे मन की बात
चलती रहे ये बातें यूँही
चाहे ना हो मुलाक़ात
सूखे इन बंजर दिलों पे
हो यारी की बरसात
अब कभी ना आएँगी दूरी
चाहे जैसे हो हालात
देखा है आँखों में तेरी
ये है हम दोनों के जज़्बात
चल मिलकर ऐ यार मेरे
करे एक नई शुरुवात
तोड़ दे अब सारी दीवारें
दे दे दोस्ती की सौगात
Sapna..
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