Monday, June 29, 2020

माँ..

हाँ माँ मैं तेरा बेटा हूँ...

तेरा आदर बहुत करता हूँ 
तुझसे प्यार भी मैं करता हूँ 
तेरी उस बेटी की तरह ही
तेरी परवाह भी मैं करता हूँ

तेरी बेटी बीदा हो गीई तो क्या 
मैं तेरा ख़याल रख सकता हूँ 
तेरी बहु घर आई तो क्या
मैं अब भी तेरा ही बेटा हूँ

ना दूर कर मुझे खुद से यु
तेरे ही शरीर का अंश मैं हूँ
जब छोटा था तब कहती थी
तेरे जीवन का सारांश मैं हूँ

कभी आंसू ना आँखों में आए
तुझे हसाता ख़याल मैं बनूँ 
कोई परेशानी ना तुझे सताए 
तुझे बचाती ढाल मैं बनूं 

तेरे मुँह फेरने से दर्द हुआ
चाहके भी बयान ना कर पाता हूँ
जब तू कहे मैं पराया हो गया 
तेरी कसम, जीते जी मर जाता हूँ 

कह दे मुझसे दिल की बातें 
तेरी बेटी बन ने मैं आया हूँ 
प्यार से मुझे अब गले लगाले  
तेरी गोद में सोने आया हूँ 

अब बस कर मुझसे रूठना 
मैं आज तुझे मानाने आया हूँ 
अलग कैसे रह सकेंगे हम भला  
तू जिस्म है मैं तेरा साया हूँ...

Sapna.. 






No comments:

Post a Comment