Wednesday, November 4, 2020

साथी..

सिर्फ आपका साया नहीं

साथी बनकर भी चलना है

बस आपको संभालना नहीं

खुद भी गिरकर संभलना है


मायने रखती है आपकी हँसी

अपनी ख़ुशी को भी पाना है

बनना है मुझे आपकी शक्ति

अपने वजूद को ना खोना है


सेवा करनी है आपके परिवार की

अपने परिवार को ना भूलना है

अच्छी यादों की हिस्सेदार भी

बुरे वक़्त को भी कुबूलना है


अपनापन तो मिलेगा ही

नफरत को प्यार से जीतना है

मेहेंगी तो होती है खुशहाली

सय्यम से उसे खरीदना है


नई राहों पे बनकर हमराही

हँसते गाते निकलना है

सिर्फ आपका साया नहीं

साथी बनकर भी चलना है


Sapna... 

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