गलती हो गई..
.. की कभी आपको शुक्रिया ना किया,
कभी ढेर सारा प्यार नहीं जताया,
आप कितनी ज़रूरी हो, ये न बताया
.. जिस तरह परवरिश की हमारी
कभी आपका क़र्ज़ अदा ना किया,
कभी उसका ज़िक्र तक न किया
.. ये सोचा की बहुत वक़्त है,
कुछ चीज़ें कभी और कर लेंगे
कल करना था, सो आज न किया
.. की आपकी छोटी सी तकलीफ
हमने अनदेखी कर दी,
आप कही ना जाओगे, ये मान लिया
.. की ज़िन्दगी की सच्चाई को न समझा,
नानी के जाने के बाद खुदको आपने
कैसे संभाला, ये न पूछा..
.. इन गलतियों को कैसे सुधारें?
कैसे ये जाने की आपने
हमें माफ़ कर दिया?
इस कशमकश में दिन कटते है,
की हमें इतना प्यार करते हुए भी
आपने हमें कैसे छोड़ दिया?
Sapna..
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