हर जज़बात जता कर भी
कुछ अनकहा सा रह गया
पूरी कहानी सुनके भी
कुछ अनसुना सा रह गया
हर ख़ुशी का एहसास होके भी
कुछ ग़म सा अंदर रह गया
हर राज़ से परदा उठकर भी
कोई भेद सा छुपकर रह गया
हर आरज़ू पूरी होके भी
कुछ अधूरा सा रह गया
हर पल मुस्कुरा के भी
कुछ आँसू जैसा बह गया
सब कुछ मुट्ठी में होके भी
कुछ गुमशुदा सा रह गया
हर सुकून महसूस करके भी
एक सैलाब सा अंदर रह गया
सच्ची ख़ुशी की चाह में ही
दिल घाव के दर्द को सह गया
और हर रिश्ता धोखा दे कर भी
ग़द्दार हमी को कह गया
कुछ अनकहा सा रह गया
पूरी कहानी सुनके भी
कुछ अनसुना सा रह गया
हर ख़ुशी का एहसास होके भी
कुछ ग़म सा अंदर रह गया
हर राज़ से परदा उठकर भी
कोई भेद सा छुपकर रह गया
हर आरज़ू पूरी होके भी
कुछ अधूरा सा रह गया
हर पल मुस्कुरा के भी
कुछ आँसू जैसा बह गया
सब कुछ मुट्ठी में होके भी
कुछ गुमशुदा सा रह गया
हर सुकून महसूस करके भी
एक सैलाब सा अंदर रह गया
सच्ची ख़ुशी की चाह में ही
दिल घाव के दर्द को सह गया
और हर रिश्ता धोखा दे कर भी
ग़द्दार हमी को कह गया
Sapna..
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