Tuesday, March 31, 2020

तेरी तारीफ में...

ये मुस्कान तेरे होंठों की 
मेरे हर ग़म को भुलाती है
ये धूप तेरी ज़ुल्फ़ों से छन्न के
मेरे दिन को रोशन बनाती है

ये आँखें तेरी चमकती सी
खूबसूरती का आईना दिखाती है
जब खुद पर मुझे संदेह हुआ
ये दिल की सच्चाई बताती है

ये हाथ तेरे कोमल से
मेरी पसंद का खाना बनाते है 
वक़्त जब जब मेरी परीक्षा ले
ये हाथ थामे होंसला बढ़ाते है

ये कदम तेरे मेरी ओर चले
ज़िन्दगी को खुशहाल बनाते है
मौसम चाहे जो भी हो
ये हर राह साथ निभाते है

ये चेहरा तेरा तस्वीर सा
रूह को रंगीन बनाती है
ये होना तेरा पास पास
मेरे होने को साकार बनाती है

क्या लव्ज़ हो तेरी तारीफ में
ये ज़ुबान मेरी कह नहीं पाती है
बस ये जान ले जान मेरी
तेरे बगैर हर पल जान जाती है


Sapna... 

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