आज मेरी ख़ुशी का राज़ ना पूछो
हंसी के रंगीन फवारे उड़ाने दो
आज मेरी खामियों की गिनती ना पूछो
उनके साथ मुझे मुकम्मल हो जाने दो
आज मेरे गुस्से की वजह ना पूछो
अपने अंदर सुकून से खोने दो
आज मेरे आंसुओं का कारण ना पूछो
अपनी गोद में सर रख के रोने दो
आज मेरी गलातियों का हिसाब ना पूछो
निशब्द आपके पेहलू में सोने दो
आज मेरी मंज़िल का पता ना पूछो
खुदको भुलाके आपका होने दो
आज मेरे प्यार की इंतेहा ना पूछो
जज़्बातों के ख़ज़ाने लुटाने दो
आज मेरी ज़िन्दगी की उम्र ना पूछो
बस इस बार मौत को गले लगाने दो
Sapna..
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