सवालों का घेरा सा होता है मन के आस पास..
कुछ सवाल ऐसे जिनके जवाब है,
पर वो हमें मान्य नहीं
कुछ सवाल ऐसे जो खुद ही मान्य नहीं
कुछ सवाल जो हम खुदसे पूछा करती हूँ
कुछ सवाल जो सिर्फ आँखें में होते है
कुछ सवालों के कई जवाब होते है
कुछ के जवाब होते ही नहीं
कुछ सवाल ऐसे जिन्हे पूछने से डर लगता है
कुछ सवाल ऐसे जो निडर उमड़ पड़ते है
कुछ सवाल ऐसे जो बासी हो चुके है
कुछ सवाल जो वक़्त में कही खो चुके है
ये हाल सिर्फ मेरा नहीं,
हर एक मन का है...
कुछ सवालों के जवाब तुरंत मिल जाते है
कुछ के लिए ऊपरवाला वक़्त लगाता है
कुछ जवाब आराम देते है
कुछ तकलीफें बढ़ा देते है
कुछ जवाब हमें कैद करते जाते है
कुछ रिहाई की ओरे ले जाते है
कुछ जवाब सस्ते दामों में बिकते है
कुछ ज़िन्दगी से भी मेहेंगे होते है
कुछ सवालों के जवाब कभी मिलते ही नहीं
कुछ के जवाब हमारे ही अंदर छुपे होते है
वो बस इन सवालों के चक्रव्यूह को तोड़ कर
बाहर आना चाहते है
पर उन्हें नहीं पता की ये उनके बस में नहीं
जिसे जो जब पता चलना होता है
तभी होता है, न पहले, न बाद में
वो एक क्षण में, घेरे में फसे होते है
एक क्षण में आज़ाद हो जाते है
उस क्षण पर गौर करे तो जवाबो का खज़ाना
न करे तो सवालों का चक्रव्यूह...
Sapna..
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