Saturday, April 9, 2022

आंसू...

 क्या याद है तुम्हे

तुमने मुझसे कहा था

की मेरे आंसू नहीं देख सकते तुम?


उस बात को बहुत वक़्त बीत गया

पर यकीन करो मेरा

मैं जब भी रोती हूँ

सबसे पहले तुम्हे याद करती हूँ


तब, जब घर से हुई पराई

तब, जब मैंने बेवजह डांट खाई

तब, जब दोस्तों की याद हुई

तब, जब मैंने खुश कबरी पाई

तब, जब रातों को नींद नहीं आई

तब, जब एक नन्ही जान को दुनिया में लाई

तब, जब अपने बारे में बकवास सुनी

तब, जब मैं मन का कर ना पाई


लेकिन जानते हो? 

अब मैं रोती नहीं

इसलिए क्यों की इन तमान मौको पे

तुम मेरे साथ ही थे

खामोश, मेरे आंसू देखते रहे...


Sapna...

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