एक महीने पहले
आपकी एक तस्वीर खींची थी मैंने
आप लाल साड़ी में
मंदिर के बहार खड़ी थी
आपने मना किया
पर मेरी ज़िद के आगे हार के
आप खड़े होकर मुस्कुराई
और मैंने आपकी तसवीर ले ली.
अब वो तस्वीर मेरे फ़ोन पे
आपकी आखरी तस्वीर बन के बैठी है
अब शायद वैसे ही किसी मंदिर के अंदर
भगवान के पास और हमारी यादों में
उसी लाल साड़ी में
सबसे खूबसूरत देवी बन के बैठी है...
Sapna...
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