Thursday, January 26, 2023

फेर बदल

खिड़की पर खड़े हुए मैंने एक दृश्य देखा

एक छोटा बच्चा अपनी माँ की ऊँगली थामे चल रहा था

और ठीक सामने से एक आदमी अपने फ़ोन में मगन जा रहा था


दोनों एक दुसरे के सामने से गुज़रे

ना बच्चे ने आदमी को देखा

ना उस आदमी ने बच्चे को


कुछ सालों बाद ये भूमिकाएं उलट जायेगी

जब बच्चा बड़ा होकर फ़ोन में मगन रहेगा

और वह आदमी किसी बच्चे को देखके खुश हुआ करेगा


इस फेर बदल के अंतराल में कितना कुछ बीत चूका होगा

कितना कुछ पाया होगा, कितना कुछ खोया होगा,

फिर कुछ समय बाद वह बच्चा जो आदमी बना,

वह भी किसी बच्चे में ही अपनी ख़ुशी पायेगा

और ये चलता ही जाएगा


Sapna...


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