उसमे तेरे हाथों की नर्माहट है
उसमे तेरे प्यार की गर्माहट है
कभी तू इसे ओढ़ा करती थी ठण्ड से बचने
अब मैं इसे ओढ़ती हूँ, तुझसे लिपटने
इसे ओढ़के लगता है तेरे गले लगी हूँ
लेटू तो लगता है तेरी गोद में सोई हूँ
ये अंदर अलग, बाहर अलग सी दिखती है
ठीक तेरी तरह -
तू बहार से गुस्सा, अंदर से प्यार जो करती है
इसे ओढ़े रहना एक सुकून का एहसास है
इसे अपने पास रखना मेरे लिए ख़ास है
तेरी हर चीज़ में मैं तुझे खोजती हूँ - पाती हूँ
तेरी शॉल, साड़ियां, गहने देख देख कर
तेरी यादों में ढेर सारा वक़्त बिताती हूँ
Sapna...
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